खबर लहरिया Blog बिहार : महिला को डायन बता जलाया ज़िंदा, हमले से पहले पुलिस को मिली थी खबर

बिहार : महिला को डायन बता जलाया ज़िंदा, हमले से पहले पुलिस को मिली थी खबर

भीड़ ने ज़ोर लगाते हुए महिला के घर का दरवाज़ा तोड़ा और उसे तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गयी। फिर भीड़ ने पेट्रोल छिड़का और घर में आग लगा दी जिसमें महिला की जलकर मौत हो गयी।

                                                                                                                         फोटो साभार -Mirror Now Digital

बिहार के गया जिले में एक महिला को डायन बताकर उसे उसके घर में ही ज़िंदा जला दिया गया। यह अंधविश्वास से जुड़ी एक और वारदात है जिसने हमारे समाज को आज भी बुरी तरह से जकड़ा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना मैगरा थाना के सेवरा पंचायत के पंचमह गांव की है। मामले में 14 आरोपियों को 45 वर्षीय हेमंती देवी को ज़िंदा जलाने के मामले में पुलिस द्वारा रविवार, 6 नवंबर को गिरफ्तार किया गया है। बता दें, यह घटना शनिवार, 5 नवंबर की है।

प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि मृतिका 45 वर्षीय हेमंती देवी अनुसूचित जाति से थी। उसकी शादी अर्जुन दास नाम के व्यक्ति के साथ हुई थी।

ये भी पढ़ें – माहवारी को लेकर अंधविश्वास से वास्तविकता तक छोटी का सफ़र

हमले से पहले गांव में पहुंची थी पुलिस

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ द्वारा हमला करने से पहले जब इस मामले की जानकारी पुलिस को लगी और पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस टीम पर भी गांव वालों ने हमला कर दिया, जिस वजह से पुलिस को मौके से भागना पड़ा। जब पुलिस गांव में वापस लौटी तब तक भीड़ अपना काम कर चुकी थी।

मामले की चल रही है कार्यवाही

घटना के बारे में इमामगंज एसडीपीओ मनोज राम ने जानकारी देते हुए बताया कि मॉब लिंचिंग की इस घटना में एक महिला को डायन होने का आरोप लगा ग्रामीणों द्वारा जिंदा जलाकर मार देने की घटना हुई है। मामले में कार्यवाही की जा रही है।

विच क्राफ्ट के तहत दर्ज़ हुआ मुकदमा

पुलिस द्वारा बताया गया कि मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) sections 302 (murder) और 436 (आग का गलत इस्तेमाल) 436 (mischief by fire) और विच क्राफ्ट अधिनियम (Witchcraft Act) के तहत मामला दर्ज़ किया गया है।

यहां से शुरू हुआ पूरा मामला

पुलिस ने अन्य जानकारी साझा करते हुए बताया कि एक महीने पहले पंचमह गांव के परमेश्वर नाम के व्यक्ति की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गयी थी। इसके लिए मृतक के परिवार ने हेमंती देवी पर जादू टोना करने का आरोप लगाया था जिसके बाद से दोनों परिवारों में बहस शुरू हो गयी थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार 4 नवंबर को मृतक परमेश्वर के परिवार ने झारखंड से भूत-निवारक (ओझा, exorcist) को बुलाया था। इसके साथ ही शाम में पंचायत भी बुलाई गयी थी। हिंसक-झड़प की संभावना को देखते हुए ओझा मौके से फरार हो गया।

कुछ देर बाद, मृतक के परिवार वाले और गांव के अन्य लोगो ने ने मृतिका के घर पर हमला कर दिया। घर के सभी पुरुष सदस्य जंगल की तरफ भाग गए वहीं महिला ने अपने आपको घर के अंदर बंद कर लिया। भीड़ ने ज़ोर लगाते हुए महिला के घर का दरवाज़ा तोड़ा और उसे तब तक मारा जब तक वह बेहोश नहीं हो गयी। फिर भीड़ ने पेट्रोल छिड़का और घर में आग लगा दी जिसमें महिला की जलकर मौत हो गयी।

ये भी देखें – बाँदा : बंधक बनाकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का आरोप, आरोपी फरार

‘यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our   premium product KL Hatke 

Leave a Reply

Your email address will not be published.