खबर लहरिया Blog Bihar: सेप्टिक टैंक की जहरीले गैस से चार मज़दूर की मौत, एक ही परिवार के सदस्य 

Bihar: सेप्टिक टैंक की जहरीले गैस से चार मज़दूर की मौत, एक ही परिवार के सदस्य 

15 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई करने गए चार लोगों की ज़हरीली गैस के कारण मौत हो गई है। इनमें से तीन और मज़दूर की अभी अस्पताल में इलाज चल रही है।     

सांकेतिक तस्वीर (फोटो साभार: गूगल)                                       

बिहार के वैशाली जिले से एक खबर सामने आई है जो एक बार फिर देश के सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा का सवाल बन गया है। यह हादसा बिहार के वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के अनवरपुर गांव में हुआ। गांव में एक पुराने करीब 15 फीट गहरे सेप्टिक टैंक की सफाई की जा रही थी। सबसे पहले परिवार का एक युवक टैंक में उतरा लेकिन कुछ देर बाद उसकी आवाज आनी बंद हो गई। उसे बचाने के लिए उसके पिता और फिर दो अन्य परिजन भी अंदर चले गए। टैंक में जमा जहरीली गैस के कारण चारों बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल पाए। ये सभी लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। 

चार की मौत तीन घायल 

जब परिवार के लोग बाहर नहीं आए तो गांव वालों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल विभाग की टीम ने रस्सियों की मदद से सभी को बाहर निकाला और तुरंत हाजीपुर सदर अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया जबकि तीन अन्य का इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

मृतकों की पहचान

– आनंद कुमार (46 साल), शिवजी साह का बड़ा बेटा।

– राहुल कुमार (24 साल), शिवजी साह का छोटा बेटा (जिसकी पांच दिन पहले ही शादी हुई थी)।

– पंकज कुमार, शिवजी साह का मंझला बेटा।

– प्रियांशु कुमार (18 साल), आनंद कुमार का बेटा।

सेप्टिक टैंक में लंबे समय से जहरीली गैस जमा होने का आरोप 

बताया जा रहा है कि मरने वालों में सबसे छोटे भाई 24 वर्षीय राहुल कुमार की शादी पांच दिन पहले ही 24 फरवरी को हुई थी। घटना के बाद पूरे अनवरपुर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांव के लोगों का कहना है कि सेप्टिक टैंक में लंबे समय से जहरीली गैस जमा हो रही थी। किसी भी तरह के सुरक्षा उपकरण के बिना अंदर उतरना बेहद खतरनाक साबित हुआ। प्रशासन ने इस घटना के बाद लोगों को चेताया है कि सेप्टिक टैंक की सफाई हमेशा सुरक्षा मानकों के तहत ही कराई जाए और इसके लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद ली जाए।

 

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