ढोलक… एक ऐसा लोकसाज़ जिसकी पहली थाप पड़ते ही घर-आंगन में खुशियों की गूंज भर जाती है। शादी-ब्याह हो, छठ, तीज-त्योहार या कोई भी शुभ अवसर — ढोलक की आवाज़ के बिना हर रस्म अधूरी लगती है। जब महिलाएं ढोलक की थाप पर लोकगीत गाती हैं, तो सिर्फ सुर नहीं निकलते, बल्कि पीढ़ियों की परंपरा, अपनापन और संस्कार भी गूंज उठते हैं। ढोलक के गीत रिश्तों को जोड़ते हैं, दिलों को करीब लाते हैं और माहौल में एक अलग ही ऊर्जा भर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 👉 ढोलक बनती कैसे है? 👉 उसमें कौन-कौन से सामान लगते हैं? 👉 और इसे बनाने वाले कलाकार कौन हैं? इस वीडियो में हम आपको लेकर चलेंगे वाराणसी के उन कलाकारों के पास, जो आज भी मेहनत और हुनर से इस परंपरा को ज़िंदा रखे हुए हैं।
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