खबर लहरिया Blog Badaun: वन विभाग के चार दारोगाओं द्वारा सामूहिक बलात्कार, कोर्ट के आदेश पर मामला हुआ दर्ज 

Badaun: वन विभाग के चार दारोगाओं द्वारा सामूहिक बलात्कार, कोर्ट के आदेश पर मामला हुआ दर्ज 

एक बार फिर बदायूं से एक गंभीर मामला सामने आया है जहां उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उझानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है।

फोटो साभार: News 18

देश में बलात्कार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से इस तरह के मामले पहले भी कई बार रिपोर्ट हो चुके हैं। एक बार फिर बदायूं से एक गंभीर मामला सामने आया है जहां उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में उझानी कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। इस केस में सहसवान रेंज में तैनात चार वन दरोगाओं को आरोपी बनाया गया है। इसमें आरोपी सूरज मोहन, पुष्पेंद्र, देवेंद्र और श्यामवीर आरोपी शामिल है। महिला ने पहले थाने में शिकायत दी थी लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर उसे अदालत का सहारा लेना पड़ा। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लिफ्ट देने के बहाने सुनसान जगह पर ले जाने का आरोप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार महिला ने एफआईआर में बताया कि है 10 जनवरी 2026 को वह दवा लेने के लिए सहसवान से बदायूं जा रही थी। उझानी कोतवाली क्षेत्र के अकराबाद चौराहे पर वह वाहन का इंतजार कर रही थी तभी एक कार आकर रुकी। कार में पहले से चार युवक बैठे थे जिन्होंने बदायूं चलने की बात कहकर उसे बैठा लिया। कुछ दूरी तय करने के बाद आरोपियों ने कार को भैंसोर पुल पार कर कच्चे रास्ते की ओर मोड़ दिया और झाड़ियों में ले गए। वहां चाकू और तमंचे के बल पर उसके साथ बारी-बारी से बलात्कार किया गया।

विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकी

महिला द्वारा आरोप लगाया गया है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपियों ने तमंचे की बट से उसे पीटा जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसी दौरान वहां से गुजर रहे दो लोगों ने शोर सुना और आरोपियों को ललकारा (आरोपियों को भगाने की कोशिश की गई)। इस पर आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। महिला ने बताया है कि चारों आरोपी वन विभाग में दरोगा के पद पर सहसवान रेंज में तैनात हैं और वह भी उसी इलाके की रहने वाली है।

पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट, कोर्ट का लिया सहारा

News 18 के खबर अनुसार घटना के बाद महिला उझानी कोतवाली पहुंची लेकिन आरोप है कि पुलिस ने टालमटोल करते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उसने जिला अस्पताल में इलाज कराया और एसएसपी से भी न्याय की गुहार लगाई लेकिन वहां से भी उसे राहत नहीं मिली। परेशान होकर महिला ने कोर्ट में अर्जी दी। कोर्ट के आदेश पर 8 जनवरी 2026 को उझानी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और मामले की विवेचना शुरू कर दी। रिपोर्ट दर्ज होते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया।

इस मामले पर योगिता भयाना ने अपने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि “यूपी बदायूं के सहसवान रेंज में तैनात चार वन दरोगाओं ने महिला को कार में लिफ्ट देकर गैंग रेप किया। चारो दरोगाओ की 5 माह पुरानी पोस्टिंग है। पुलिस ने वन दरोगा सूरज मोहन, श्यामवीर, पुष्पेंद्र और  देवेंद्र पर कोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज कर ली है “ 

बता दें योगिता भयाना भारत में बलात्कार विरोधी एक प्रसिद्ध कार्यकर्ता हैं, जो पीपल अगेंस्ट रेप इन इंडिया (पीपीआरआई) की प्रमुख हैं। यह संगठन बलात्कार पीड़ितों को सहायता प्रदान करता है और उन्हें न्याय दिलाने में मदद करता है। 

वन विभाग और पुलिस का पक्ष

अमर उजाला के खबर अनुसार इस मामले में सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज किया गया है। आदेश में केवल नाम लिखे गए थे पद का उल्लेख नहीं था। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं वन विभाग के एसडीओ जगन्नाथ कश्यप ने कहा कि चारों आरोपी सहसवान रेंज में तैनात हैं लेकिन कोर्ट के आदेश और आरोपों की पूरी जानकारी उन्हें अभी नहीं मिली है।

 

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