खबर लहरिया जवानी दीवानी छतरपुर: ‘मेरी आत्मा ही संगीत है’ बलराम शुक्ला

छतरपुर: ‘मेरी आत्मा ही संगीत है’ बलराम शुक्ला

मध्य प्रदेश की पर्यटन नगरी खजुराहो में एक 73 वर्षीय बुजुर्ग अपनी बजाई हुई सितार की आवाज़ से लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। यह व्यक्ति इतनी उम्र में भी अपना नाम रोशन करते हुए खजुराहो और पूरे मध्य प्रदेश में सितार बजाकर अपना कमाल दिखा रहे हैं। जब हमने इस बुजुर्ग से बात की तो पता चला कि उनका यह शौक बचपन से ही रहा है। वे पूर्व सरकारी शिक्षक भी रह चुके हैं। अब जब वे संयुक्त राष्ट्र में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तो उन्होंने फिर से सितार बजाना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सितार बजाना सीखा था। अनेकों ग्राम परिवेशों में प्रदर्शन करके उन्होंने अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैं, न केवल भारत में बल्कि विभिन्न देशों में भी अपने हुनर की प्रशस्ति प्राप्त की है।

ये भी देखें – 

अयोध्या : संगीत की कला को निखारना चाहती हैं – अंजू प्रजापति

 

‘यदि आप हमको सपोर्ट करना चाहते है तो हमारी ग्रामीण नारीवादी स्वतंत्र पत्रकारिता का समर्थन करें और हमारे प्रोडक्ट KL हटके का सब्सक्रिप्शन लें’

If you want to support  our rural fearless feminist Journalism, subscribe to our  premium product KL Hatke