मोटर साइकिल खे कीमत लगाई बहू की जान

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मीरा (फाइल फोटो)

जिला महोबा, ब्लाक पनवाड़ी, गांव तुर्रामोहार। एते के मीरा की शादी पनवाड़ी ब्लाक के ही लिधौरा गांव के धरमपाल के साथे 20 मई 2013 खा भई हती। जीखे ससुराल वालेन ने दहेज में मोटर साइकिल न मिले खे कारन 17 मार्च 2014 खा मीरा खा फांसी लगा के जान से मार दओ हे। ईखी रिपोर्ट मीरा के मताई-बाप ने पनवाड़ी थाने में करी हे।
मीरा के बाप जगदीश ने बताओ कि मेंने मीरा खे शादी में अपनी हैसियत के हिसाब ढाई लाख रूपइया की शादी करी हती, पे मीरा के ससुराल वाले दहेज में मोटर साइकिल मांगत हते।
मीरा की मताई मालती बताउत हे कि जभे मीरा पेहली दइयां ससुराल से आई हती। तभई कहत हती कि में ससुराल न जेहों। काय से तुमने दहेज में मोटर साइकिल नई दई आय। जीखे करन ऊ लोग मोये तनक-तनक सी बात में ताना मारत हें, ओर मोटर साइकिल न मिले पे जान से मारे खे धमकी देत हें, पे मेंने मीरा खा समझा बुझा खे दुबारा ससुराल भेज दओ हतो। सोचत हते कि बिटिया की जन्दिगी को सवाल हे। ई साल मोटर साइकिल भी दे देबी, पे 17 मार्च 2014 खा ससुराल वालेन ने मीरा खा जान से मार दओ। जभे हमने मीरा खे लाश देखी तो ऊखे गले ओर हाथ में रस्सी के निशान हते। ऊखे नाक ओर कान से खून निकरत हतो। देखे से लागत हतो कि पेहले मीरा खा मारो हे फिर फांसी लगा दई हे।
धरमपाल ने बताओ कि मीरा के पेट में बच्चा हतो। जीखे कारन ऊखी तबियत खराब रहत हती। घर में कोनऊ न हतो। ऊ केसे मर गई पतो नइयां। दहेज ओर मारपीट जेसी कोनऊ बात नई भई आय।
पनवाड़ी थाने के एस.आई. प्रकाश दीक्षित ने बताओ कि लाश को पोष्टमार्टम कराओ हे, पे रिपोर्ट में जहर खाये से मीरा की मोत भई हे। एई से कछू कारवाही न होहे। काय से मीरा ने आत्महत्या करी हे।