भविष्यवाणी – नए तरह का डीज़ल

(फोटो साभार: जे.एम. गर्ग | विकिपीडिया)
(फोटो साभार: जे.एम. गर्ग | विकिपीडिया)

जिला महोबा। यहां एक ऐसा पौधा है जिसके द्वारा डीज़ल तैयार किया जाता है। इस पौधे को जट्रोफा के नाम से जाना जाता है।
चरखारी ब्लाक के अकठौंहा में पांच साल पहले सचिव ने जट्रोफा के पौधे लगवाए थे। अभी दो साल पहले लखनऊ से आई एक संस्था ने दो सौ पौधे लगाने के लिए दिए थे।
मुख्य विकास अधिकारी शिवनरायण ने बताया कि कई साल से मनरेगा के तहत जट्रोफा की खेती करने के लिए योजना दी जा रही थी। वैज्ञानिक जांच के अनुसार इसके तेल को सीधे डीज़ल या ईंधन के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। जट्रोफा के तेल से अट्ठत्तर प्रतिशत कम प्रदूषण होता है।
जट्रोफा के वृक्षों से पके हुए फलों (कैप्सूल) को सितम्बर-नवम्बर माह के बीच तोड़कर इक्ट्ठा कर लेते हैं। इसके बाद इन कैप्सूल से बीजों को अलग कर सुखा कर भण्डार कर लेते हैं।
जट्रोफा के बीजों में औसत 35-40 प्रतिशत तेल होता है। इस तरह एक हैक्टेयर में जट्रोफा के बीज से तेल निकालने के बाद बची खली से बायोगैस संयंत्र चलाने में और उसके बाद भी बची हुई खली को खाद के रूप में प्रयोग किया सकता है।