पशु चिकित्सालय में दवा के अभाव

taja3जिला सीतामढ़ी, प्रखण्ड सोनबरसा पशु चिकित्सालय में लगभग एक साल से दवा न हई। दवा के अभाव में रोजों मवेशी पाले वाला बीसों लोग सब बिना दवा के वापस जाई छथिन। एई कारण डॉक्टर  भी परेशान रहई छथिन।

मुशहरनिया के चंदेश्वर सिंह कहलथिन कि हमर भइसी के कीड़ा हो गेल हम दवाई लावे गेली त दवाई न मिलल हम बाहर से खरीद के खियइली। सहोरवा के राधेकृष्ण साह कहलथिन कि हमरा बैल भईसी के घाव भे गेलक हम इलाज करावे अइली तब कम्पाउंडर घाव साफ कके दवा बाहर से लावे ला कहलथिन। सोनबरसा के रेणु देवी कहलथिन कि हमर भइसी के जहरवाद घाव हो गेल रहे तब रोज डॉक्टर  ड्रेसिंग कके छोड़ देथिन। जब दवाई न हई त इ अस्पताल कोन काम के हई? रोज लोग दवाई के लेल वापस होई छथिन। मवेशी के ज्यादा दिक्कत होय पर हम सब नेपाल के मलंगवा से इलाज करावे ले जाई छी। कम्पाउंडर रामनरेश पंडित कहलथिन कि दवाई न हई त घाव के डिटौल से साफ कके पट्टी बांध देई छी।

डॉक्टर  अजय कुमार चैधरी कहलथिन कि दवा न रहे से बहुत लोग वापस  जाई छथिन। हमरा जहां तक हाई छई हम ईलाज करई छी दवा के लेल जिला में खबर कयले छी लेकिन दवा अतई तब न हम लोग सब के देबई। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉक्टर  दिगम्बर झा कहलथिन कि एक साल से पुरे जिला के पशु चिकित्सालय में दवा के अभाव हई। सोलह लाख रूपईया के दवा के औडर देले छी। पंद्रह दिन के अंदर में हर अस्पताल में दवा पहुँच  जतई। एई के लेल हम सब प्रयास में  लागल छी।