खेतों को उजाड़कर स्टील प्लांट लगाने की साजिश

 

odishaउड़ीसा का जगतपुर सिंह इलाका पान की खेती के लिए जाना जाता है। लेकिन पान के खेतों की जगह अब यहां पर स्टील प्लांट लगाने की कोशिश हो रही है। राज्य सरकार जमीन दक्षिण कोरिया की कंपनी के लिए खरीद रही है। विदेशी कंपनी यहां स्टील प्लांट लगाएगी। यानि सरकार की चली तो अब यहां फसल की जगह स्टील धातु का उत्पादन होगा। लोगों के विरोध ने आठ सालों तक तो इस प्लांट को नहीं लगने दिया। विरोध का ही असर था कि केंद्र सरकार को इसमें दखल देना पड़ा। और 2010 में दो बार जांच कमेटियां बैठाईं गईं। पहली कमेटी की रिपोर्ट गांव वालों के पक्ष में थी। इसमें कहा गया था कि प्रोजेक्ट वाले इलाके की जमीन उपजाऊ है। प्लांट लगने के बाद जमीन तो चली ही जाएगी, साथ ही आसपास के खेतों में भी इस प्लांट से खराब असर पडेगा। लेकिन इस कमेटी की रिपोर्ट को नहीं माना गया। दूसरी कमेटी बैठाई गई। इसमें गांव वालों का विरोध प्रदर्शन गलत ठहराया गया। कहा गया कि प्रोजेक्ट वाले इलाके की जमीन बंजर है। प्लांट लगने के बाद आसपास के लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। सरकार ने 2010 के आखिर में ही जबरदस्ती लोगों को गांव से निकलना शुरू कर दिया था। लेकिन विरोध के आगे रुकना पड़ा। दोबारा 2013, फरवरी में गांव से लोगों को निकालने का काम प्रशासन को सौंपा गया। इस बार दुनिया की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था यू.एन. ने भी कहा था कि हजारों लोगों के मानवाधिकारों को सुरक्षित करने के बाद ही यह कंपनी शुरू हो सकती है। लेकिन लोगों के विरोध को अनदेखा करके इस बार जनवरी, 2014 में पर्यावरण मंत्रालय ने इसे मंजूरी दे दी। हालांकि विरोध जारी है।