क्रेशर मशीन चालू होब जरुरी, नहीं तौ घरन मा चूल्हा जलब मुश्किल

taja kreser copyजिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, कस्बा भरतकूप। हिंया के मड़इन का कहब हवै कि 8 मार्च से पहाड़ का पट्टा होय मा सकरार कइती से रोक लगा दीन गे हवै। यहिसे क्रेशर मा काम करै वाले मजूर पलायन करै का मजबूर हवैं।
क्रेशर मा काम करै वाले मजूर ललित कुमार, शिवकुमारी अउर उर्मिला का कहब हवै कि क्रेशर मा काम कइ लेत रहेन तौ घर का खाना खर्चा खातिर रुपिया होइ जात रहै। पहाड़ मा पत्थर फोड़ै के अलावा अउर कउनौ दूसर काम नहीं आय। यहिसे हमार मांग हवै कि पहाड़ का पट्टा होय का काम सयरकार शुरु कइ दे तो हजारन घरन मा चूल्हा जलैं लागी।
गोंण्ड़ा गांव के रजुवा अउर कल्ली कहिन कि खेमी मा झुरहा परा हवै। एक पहाड़ के पत्थर तोड़ के मजूरी कइ लेत रहेन तौ वहौ मा रोक लाग हवै। यहिसे गांव का लगभग पचहत्तर प्रतिश मड़ई पलायन करै का मजबूर होइगे हवै। क्रेशर मा मध्य प्रदेश के सतना जिला से मड़ई काम करै आवत रहैं।
कुछ दुकानदारन का कहब हवै कि भरतकूप मा क्रेशर बंद होय से हमार दुकान तक नहीं चलत आय। क्रेशर मा बाहरी मड़ई काम करत रहैं तौ हमका पानी पियै का भी समय नहीं मिलत रहै। यहिसे हिंया क्रेशर मशीन चलै लागै तौ हमार समस्या भी खतम होइ।
कुछ क्रेशर मालिकन का कहब हवै कि भरतकूप मा लगभग दुइ सौ क्रेशर मशीन चलत हवै। इं क्रेशर मा लगभग हजारन के गिनती मा हिंया मजूर काम करत हवै। सरकार से पहाड़ का पट्टा चालू करवावै के मांग कीन जई। नही तौ अगर क्रेशर मशीन ठप्प होइगे  तौ गरीब मजूर बिन मारे मर जइहैं।