कोई तो ढूंढ के लाओ

अधिकतर लोगों के लिए उनका बचपन जीवन का सबसे खूबसूरत समय होता है। मन में जिज्ञासा, दोस्तों के साथ खेलना और शैतानी – बचपन भले ही मुश्किल हो उसकी यादें मीठी लगती हैं।

कहां गया वो लड़कपन
जिसमें था सबका अपनापन
वो घुटनों के बल चलना
वो तोतली बोली बोलना
वो मस्ती वो आवारापन
कहां गए सब
कोई तो ढूंढ़ के लाओ।

वो मंा का आचल
वो लोगों का प्यार
छोटी सी बातों पर इठलाना
वो रूठना वो मनाना
कैसा था ये चंचल मन
जिससे कहते हैं बचपन
कोई तो ढूंढ़ के लाओ।

नाम – प्रियंका पाण्डेय
कस्बा – अयोध्या
ब्लाक – पूराबाज़ार
जिला – फैज़ाबाद