हर प्रेम विवाह को ‘लव-जिहाद’ नहीं कहा जा सकता: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने अंतर्जातीय और अन्य धर्म के लोगों के साथ विवाह के मामलों पर 19 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान कहा कि हर प्रेम विवाह को ‘लव जिहाद’ नहीं कहा जा सकता।

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दरअसल, हाईकोर्ट की यह टिप्पणी कन्नूर के रहने वाले श्रुति और अनीस हमीद की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही गई। श्रुति ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी और अपने पति अनीस हमीद के साथ रहने की इजाजत मांगी थी। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में श्रुति को पति अनीस के साथ रहने की इजाजत दे दी है।
अनीस पर आरोप लगाया गया था कि उसने श्रुति को अगवा कर लिया था और उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराया। ये भी आरोप था कि अनीस ने श्रुति के साथ जबरदस्ती निकाह किया।
हाईकोर्ट ने कहा,’हर प्रेम विवाह को लव जिहाद’ नहीं कहा जा सकता है। इस तरह की शादियों को बढ़ावा देना चाहिए, क्योंकि प्यार की कोई सीमा नहीं होती। हम राज्य में हर अंतर-धार्मिक विवाह को लव जिहाद या घर वापसी की नजर से देखे जाने के चलन को देखकर भयभीत हैं।