बांदा और प्रयागराज। पंचायत सहायकों का कहना है कि ₹9 हजार के मानदेय के मुकाबले उनसे कई तरह के काम लिए जाते हैं। अलग-अलग ड्यूटी लगने और बढ़ती महंगाई के बीच उनका कहना है कि इतने मानदेय में घर का खर्च चलाना मुश्किल है।
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