102 नम्बर एम्बुलेंस नहीं पहुंची गांव

डिलेवरी के बाद रजनी का अस्पताल से खुरहण्ड तक आटो मा लाये। अब शिवहद तक तांगा मा लई जात।
डिलेवरी के बाद रजनी का अस्पताल से खुरहण्ड तक आटो मा लाये। अब शिवहद तक तांगा मा लई जात।

जिला बांदा, ब्लाक महुआ अउर बड़ोखर खुर्द। हेंया के मड़ई बताइन कि 102 नम्बर एम्बुलेंस डिलेवरी का लेंवावै गे अउर न ही छोड़ै जात आय। एम्बुलेंस व्यवस्था देखैं वाले मोहम्मद सादिक खांन (ई.एम.ई.) या बात मानंै से मना कई दिहिन हंै।

ब्लाक महुआ का गांव शिवहद के आशा उर्मिला का कहब है कि रजनी का 13 जून का सुबेरे साढ़े पांच बजे महुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लई जाय खातिर एम्बुलेंस नंबर 102 मा फोन कीन। फोन मा जवाब मिला कि गाड़ी खराब है।

ब्लाक बड़ोखर खुर्द, गांव बरगहनी के आशा क्रान्ति कहिन कि 17 जून का कमला के बच्चा होय का रहै। एम्बुलेंस 102 मा फोन कीन तौ कहिन कि गाड़ी खाली निहाय। तबै पांच सौ रुपिया मा गाड़ी बुक कइके लाये हन। यहिनतान 5 जून का लक्ष्मी के तड़प-तड़प के डिलेवरी घर मा ही होई गे। दसन दरकी 102 नंबर मा फोन कीने रहे हन।

ई.एम.ई. मोहम्मद सादिक खांन कहिन कि एक एम्बुलेंस का चैबिस घण्टा मा पन्द्रह से बीस केश लावैं अउर छोड़ै का चाही, पै पचीस तक केश करैं का परत है। हेंया दस एम्बुलेंस के अउर जरूरत है।