स्वास्थ्य विभाग खुद बिमार

प्रसव भवन में लागल पानी
प्रसव भवन में लागल पानी

स्वास्थ्य सुविधा के लेल सरकार जिला में सदर अस्पताल, प्रखण्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र अउर पंचायत में स्वास्थ्य उपकेन्द्र हई। पर एकर सुविधा केतना जनता के मिलई छई? कही भवन त कही बेड न रहई छई। ऐहन में प्रसव वाली महिला के कतेक दुख होई छई ऐकरा बारे में कोन सोच सकई छई?
बथनाहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भवन न हई जेई कारण लोग के जमीन पर ही प्रसव करावे परई छई। कुशहर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में भवन अउर बेड हई त उ दु बजे ही बंद हो जाई छई। उहे हाल स्वास्थ्य उपकेन्द्र के हई। शायद ही कोनो स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर प्रसव करावे के सुविधा हई। बथनाहा में पन्नी बिछाके प्रसव करायल गेल रहई। अगर ऐहन में कोई घटना हो जतई त ऐकरा लेल कोन जिम्मेदार होतई?
गर्भवती महिला के हर तरह से तईयार कयल जाई छई कि उ अस्पताल में ही जाके प्रसव करावे। जईसे उनकर बच्चा स्वास्थ्य अउर सुरक्षित रहे। लेकिन ऐहन सुविधा में न त बच्चा स्वास्थ्य रहतई न माई।
ऐई सवाल के जवाब में डाॅक्टर सब कहे लगई छथिन कि हमरा पास भवन ही न हय या व्यवस्था के कमी हय त हम कि करू? अईसे जवाब देवे के बदले स्वास्थ्य विभाग व्यवस्था के अगर सुधारे त बेहतर बात हई। न त उ दिन दुर न हई कि लोग के कहल जतई कि अगर स्वास्थ्य बच्चा चाही त घर में ही प्रसव कराउ।