सोच समझके चुनाव करब जरुरी

01-05-14 Taza - Mayawati rallyफैजाबाद मा चुनाव नजदीक अउतै बड़ी-बड़ी रैली हुवत बाय जेहमा बड़ा-बड़ा वादा भी कीन जात बाय। मनई कै आपन आपन नजरिया आय कि केका वोट दे।
भाजपा, कांग्रेस कै जीत होये तौ अयोध्या के बाबरी मस्जिद पै बवाल फिर से खड़ा होये अउर कितने मनई कै मउत होये कउनौ आंकड़ा नाय बाय। सन् 1992 कै बाबरी मस्जिद कांड मनई के जेहन से अबहीं तक निकरा नाय बाय। अगर भाजपा कै जीत भै तौ सबसे पहला काम बाबरी मस्जिद निशाना बने।
मस्जिद अउर मन्दिर बनै के बीच काफी विवाद छिड़ जाये। काहे से अबहीं से ही भाजपा मन्दिर बनवावै कै वादा करत अहैं। जवन भाजपा के बारे मा प्रधानमंत्री कै यतनी बड़ी सोच राखे अहैं वै भाजपा के बारे मा काव जानाथे? जे कहाथै कि मोदी गुजरात मा बहुत विकास करे बाय। का वै मनई हुआ गै बाय?
देवता माना जाय वाले सपा से हर गांव कै किसान खफा अहैं। उनके ताई खाद्य पदार्थ कै कउनौ मोल भाव नाय बाय। मनई कै सोचत रहा कि अखिलेश युवा नेता हुवय हर दिन नई योजना लागू होये। अगर मुजफ्फरनगर पै दृष्टि डाली जाय तौ हुआ जवन कुछ भी भै सब सपा कै ही किया कराया आय। ई मनइन कै मानब बाय। सपा सरकार को भी उत्तर प्रदेष की जनता ही जिताई थी क्योंकि उस समय बसपा से लोग परेशान थे। अब तक बसपा के नेताओं पर घोटालों और भ्रष्टाचार के केस चल रहे हैं।
हर पार्टी जनता का निराष करत अहंै लकिन केहू भी अपनी कमी का मानत तक नाय। एक के बाद एक सब नेता जनता का पेट अपने बड़ी-बड़ी बात से भरै कै कोषिष कराथे।