सामूहिक बलात्कार मामले में सज़ा ए मौत

नई दिल्ली। दिल्ली में 16 दिसंबर, 2011 को हुई सामूहिक बलात्कार के आरोरियों का अपराध 13 सितंबर को फाुसी की सज़ा सुनाई गई। चारों अपराधियों पर सामूहिक बलात्कार, हत्या, हत्या की कोशिश और सबूत मिटाने जैसे अपराध साबित हुए हैं। ये पूरी सुनवाई दिल्ली में साकेत कोर्ट में चली। मामले में दोषी पाए गए एक नाबालिग लड़के को तीन साल की सजा सुनाई गई है। उसे बाल सुधार गृह में रखा गया है।
इन सबूतों के आधार पर साबित हुआ अपराध
अदालत में पेश किए गए सबूतों में लड़की का मरने से पहले दिया गया बयान, वो बस जिसमें वारदात को अंजाम दिया गया था, आरोपियों की बस का सीसीटीवी फुटेज, गैंगरेप के आरोपियों के खून से सने कपड़े, डीएनए सैंपल, फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट।
अपराधियों के लिए कुछ लोग फांसी की तो कुछ लोग उम्रकैद की मांग कर रहे हैं। महिला समूहों ने फांसी का विरोध करते हुए उनके लिए उम्रकैद की मांग की थी। घर या बाहर महिलाओं को सुरक्षित माहौल देने और महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा के मामलों में जल्द से जल्द सुनवाई होने की मांग भी की है। इस मामले में कई संगठनों के दबाव के बावजूद अपराध साबित करने में नौ महीनें का समय लगा।