साठ साल की उमर में खाना खर्चा को मुकदमा

mahila mudda khabar photoMahoba - Kachehri 1 copyजिला महोबा, ब्लाक करई, गांव डहर्रा। एते की शिवकली के पति रेवले विभाग से रिटार्यमैन आदमी हे। फिर भी शिवकली खा खाना खर्चा नईं देत हे जीसे शिवकली ने कोर्ट कोसहारो लेके खाना खर्चा की मांग करी हे।
शिवकली बताउत हे की मोओ आदमी जागेश्वर रेलवे विभाग में नौकरी करत हतो। अब रिटार्यमैन हो गओ हे। पेंसन पाउत हे फिर भी छह साल से अपनेे पेट के लाने एते ओते भटकत फिरत हों। लड़का बहू भी बाते सुनाउत हे। कहत हे की ओतई जाके रहो कह आन परिवार पालन की तोओ खर्चा चलाउन। चार साल पेहले लगाओ हतो ऊ खारिज हो गओ हतो। मे अपने लड़कन के आसरे रहत हो। आदमी तो आपन पेंसन से खर्चा चला लेत हे। पे मे एक-एक रुपइया खा तरसत हों। एई से एक साल पेहले दुबारा से खाना खर्चा को मुकदमा लगा दओ हे।
आदमी जागेश्वर कहत हे की मे ऊ नई छोड़े हो। मे कहत हों की हमें कोनऊ के साथे नईं रहे खा हे। अलग रेहे पे ऊ नई सुनत हे कहत हे की बीच वाले लड़का के साथे रेहे।