सरकारी स्कूल में पढ़े से का फायदा

स्कूल की बताउत समस्या
स्कूल की बताउत समस्या

जिला महोबा, ब्लाक चरखारी, गांव अकटौंहा। एते के पूर्व माध्यमिक स्कूल के बच्चा केऊ तान की दिक्कतन से जूझत हें। 1- 2013 साल खा वजीफा अभे तक नई मिलो आय। 2- 2013 के ड्रेस नई मिली आय।
3- मिड्डे मील को खाना मीनू के हिसाब से ओर नींक नई बनत आय।
पढ़े वाले बच्चा भूपेन्द्र, योगेन्द्र ने बताओ कि पे कभऊं ई स्कूल में मिड्डे मील को खाना मीनू के हिसाब से नई बनत आय। अगर सब्जी रोटी बनत हे तो सब्जी में तेल मसाला खा पता नई रहत आय। रोटी जरी तो कहूं बिल्कुल कच्ची रहत हे। हम खाना खायें के लाने अपने घरे जात हें। कक्षा सात में पढ़ें वाले रामसेवक ओर सुखसिंह ने बताओ कि हमखा 2012 ओर 2013 को वजीफा नई मिलो आय। अनिल बताउत हे कि अभे तक हम लोगन खा डेªस तक नई मिली आय। ई डेªस के चक्कर में तो हमाये घर वाले कपड़ा तक नई सिलाउत हें।
सहायक अध्यापिका हबीवा खातून ने बताओ कि पिछले साल कक्षा 6 में कोनऊ खा वजीफा नई आय हतो। खाना बनायें में रसोइयन की कोनऊ कमी नइयां। डेªस सिलायें खे लाने अक्टूबर 2013 में आदेश दे दओ हे।
रसोइयां मुन्नी चन्दला वाली ओर धनवती बताउत हे कि प्रधान आटा चावल दे देत हे, पे सब्जी में डारे खा तेल मसाला नई देत आय। एई से सब्जी नींक नई बनत आय, ओर बच्चा घरे खाना खायें जात हें।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मसी हुज्जुमां सिद्दीकी ने बताओ कि हम लड़का बिटियन की लिस्ट बना के समाज कल्याण में भेज देत हे। वजीफा देय को काम समाज कल्याण को आय