सरकारी विभाग मजदूरी देय में करत हें लापरवाही

सुरेश विश्वकर्मा
सुरेश विश्वकर्मा

महोबा शहर, राठ रोड कांशीराम कालोनी। एते के सुरेश विश्वकर्मा ने 14 मार्च 2013 खा सहायक अभियन्ता प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग महोबा के एते से महोबा से चरखारी तक खे 37 पुलिया ओर 19 किलो मीटर के पत्थरन की पेन्टिग खा काम करो हतो। जीखा रूपइया अभे तक नई मिलो आय।
सुरेश ने बताओ कि में शहरी गरीब आवास योजना कांशीराम कालोनी में रहत हों। 14 मार्च 2013 से मेंने महोबा से चरखारी के बीच परे वाली पुलिया, पत्थर ओर कुछ किलो मीटर खे पोताई ओर लिखाई करी हे। जीमें पेन्ट ओर रंग मेने अपने रूपइया से खरीद खे लगाओ हे। मेने मार्च खे महीने में ही कार्यालय में सूचना दई कि काम पूरा हो गओ हे। में जभे भी रूपइया मांगे जात हों तो “दो चार दिन बाद आना” कह के टार दओ जात हे। मोओ मजदूरी को 16800 रूपइया होत हे। ईखे लाने मेंने एक दइयां तहसील दिवस में दरखास दई हती। तभे से अधिकारी गुस्सा हो गओ ओर कहन लगो कि हमने तुमसे काम नई कराओ आय। तुम्हाये एते काम करे खा का सबूत हे। मोये एते कोनऊ नौकरी नइयां। रोज कमाना रोज खाना हे। प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियन्ता रामराजा बताउत हें कि सुरेश ने मानक के हिसाब से काम नई करो आय। ऊखे काम के हिसाब से 11809 रूपइया होत हे। जीमें 6000 रूपइया दे दओ हे। बाकी बाद में दे दओे जेहे।