सब के मिले बराबर सुविधा

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विद्यालय में उपस्थित बच्चा

सरकार पोषाक योजना 2006 में चललथिन कि सब के मिले। हर साल लाखों बच्चा के ऐई योजना के लाभ अवई छई। तईयो विद्यालय तक अवते-अवते केतना बच्चा लाभ से बंचित हो जाई छथिन। इ रुपईया आखिर जाई छई कहां?
अभी कमला बालिका विद्यालय में कुछ बच्ची के पोषाक योजना के लाभ न मिललईय। उनका पिछला बेर भी न मिलल रहई। कोई सीधा जबाब भी उनका न मिल रहल हई। इहे न अईसन त शिवहर अउर सीतामढ़ी में केतना विद्यालय हई जेई में बच्चा के लाभ से वंचित रहे परलईय। अब जेकर माई-बाप बोले वाला हय, लड़े वाला हय त ओकर बच्चा चाहे रोज पढ़े जाये या न जाये, चाहे उ प्राईवेट विद्यालय में पढ़े लेकिनउनका योजना के लाभ मिल जाई छई। जे लड़े वाला न हई उनका कोई न कोई बहाना कर के टाल देल जाई छई। सरकार के योजना सब के लेल होई छई त सब के मिलई छई न कयला?
अईसे बच्चा सब हतास हो जाई छई। अही कारण हंगामा तोड़-फोर करे लगई छई। जब बच्चा शिक्षक के सामने हंगामा करे त ओई शिक्षक के मोल की रह जाई छई? अगर सुविधा सब के लेल बराबर हई त मिलई छई न कयला? ऐई व्यवस्था के दुरूस्त कयल जाये जईसे सब के लाभ मिले।