विद्यालय के जमीन में डायट भवन

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जर्जर डायट भवन

जिला शिवहर के डायट भवन जर्जर हो गेल हई। अही में उहां के छात्र पढ़ाई करई छथिन अउर गार्ड रात के सुतई छथिन। एकर छप्पड़ पर के खपरा आधा गिर गेल हई। लोग पन्नी तान के रहई छथिन। एई डायट भवन के स्थापना 1968 में भेल हई।
गार्ड विश्वनाथ प्रसाद अउर अंकित कुमार कहलथिन कि हमरा सब के तीन हजार रूपईया के महीना मिलई छई हम सब कइसहियो गुजर करई छी। नौकरी हई त छोड़ कइसे दु। एई ठंडा के मौसम में चारों तरफ अउर उपर से भी सिपा (हवा) अबईत रहइय। हम सब जान के बाजी लगाके आवासीय रूप से काम कर रहल छी। उहां के आदेशापाल कपिल देव राऊत कहलथिन कि इ डायट भवन बुनियादी विद्यालय के जमीन में चल रहल हई। जमीने न हई त भवन केना बनतई। एई में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक पढ़ाई चलई छई। एई में छियालीस छात्र के नामांकन अउर ग्यारह शिक्षक छथिन।
प्रधानाध्यापक श्री राम नरेश कुमार कहलथिन कि केतना बेर त हम एई बात के मिटिंग में रखली लेकिन जमीन न रहे के कारण भवन न बन रहल हई। डीएम के पास भी आवेदन देबे वाला छी। जिला पदाधिकारी (डीएम) विनोद नारायण सिंह कहलथिन कि एकर जांच पड़ताल कराके देखव कि कहां पर दिक्कत हई?