लखनऊ के छात्र ने की आत्महत्या, एच.ओ.डी. को दोषी ठहराया

aatm-hatyaलखनऊ। यहां के बीएन काॅलेज आॅफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नलाॅजी के छात्र लवकेश मिश्रा ने 25 फरवरी कि रात को आत्महत्या कर लिया। लवकेश ने अपने सुसाईड नोट में लिखा है, ‘‘मैं मरना नहीं चाहता लेकिन मैं यह प्रेशर बर्दास्त नहीं कर पा रहा हुं। भइया मेरे सुसाइड करने की वजह सिर्फ और सिर्फ मेरे ब्रांच के एच.ओ.डी. दीपक आसरानी है।‘‘
लवकेश के पिता ओम प्रकाश मिश्रा ने बताया कि वो आजमगढ़ के निवासी है। ‘‘मेरे तीन बच्चे थे, लवकेश सबसे छोटा था। बड़ी चाहत थी बेटे को इंजीनियर बनाने की। कभी नहीं सोचा था कि ऐसे दिन भी देखने को मिलेगें। बेटे के दोस्त ने फोन कर बताया तो हम लखनऊ पहुंचे। काॅलेज वाले ने भी कभी कोई सूचना नहीं दी। उसके सुसाइड नोट में लिखा था तब पता चला कि उसने 20 हजार रुपए एच.ओ.डी को दिए थे।‘‘
लवकेश ने अपने नोट में लिखा कि ‘‘एच.ओ.डी. ने मेरा पेपर छुड़वा दिया, एनराॅलमेन्ट फाॅर्म तक नहीं भरने दिया और कहा कि मुझे तुम जैसे लड़कों को इस काॅलेज में नहीं रखना है। एच.ओ.डी. सर ने मुझसे कहा कि अगर तुम काॅलेज फीस के अलावा 20 हजार रूपए दे दो तब मै कुछ कर सकता हुं।‘‘ असरानी ने लवकेश से पैसे ले लिए लेकिन परीक्षा देने नहीं दिया।
वहां पढ़ने वाले छात्रों ने बताया कि यहां छात्रों से ऐसे ही पैसे वसूले जाते हैं। गोरखपुर से पढ़ने आए एक छात्र ने बताया कि मेरी 90 प्रतिशत उपस्थिति होने के बावजूद 1500 रुपए मांगे गए। एक दिन न आने पर 500 रुपए फाइन लगता है। फिस भी जिसे जितना होता है लेते है।
26 फरवरी को छात्रों ने काॅलेज में तोड़-फोड़ भी की। उन्होंने लगातार नारेबाजी और लवकेश के परिवार को 20 लाख रूपए मुआवजे के रूप में देने की मांग की। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर दीपक असरानी को गिरफ्तार किया गया है। अभी मामले कि जांच चल रही है।