राशन वितरण ओर घटतोली में होत घपला

grain-shop-mannoj-umaleराशन कार्डन में होंय वाली गड़बड़ी खा रोक लेब का प्रशासन के बस की बात नई रेह गई, जा फिर जान के ऊ गड़बड़ी खा अनदेखी करी जात हे। ई कोटेदारन खा जा सब गड़बड़ी करें खा शिक्षा किते से मिलत हे। जा कहे मे एकऊ हिचक नई होत हे। काय से जा सब मंडियन के कर्मचारियन से सीखत हें। कोटेदार साफ कह देत हें कि राशन कम देना जा फिर कम तौल मे घटा देब ऊखी मजबूरी होत हे। कोटेदारन खा मंण्डियन से राशन कम मिलत हे। मण्डी के कर्मचारी कहत हें की बोरी धरे उठायें में फट जात हे तो अनाज कम आउत हे। जा सब गड़बड़ी को असर बेचारी जनता खा भुगतने परत हे। जोन ईं सब चीजन को दोषी नई होत हे, दोषी तो कर्मचारी होत हे। अगर एते घट तोली न होंय की जिम्मेंदारी नई लेत तो का घट तोली की समस्या बनी ही रेहे। कोटेदारन खा ब्लैक ओर कम घट तौली खा मौका खुले आम मिलत हे।काय से ई महीना महोबा जिला ब्लाक कबरई गांव खम्हरिया। ई गांव के  राशन कार्ड मे पेहले से चीनी ओर गेहूं चढ़ा दओ हे। जभे कि जा बात से कोटेदार ओर जिला पूर्ति के अधिकारी ने अपने खा अनजान बताओ हे। जभे कि सच्चाई तो जा हे कि ऊ महिने को राशन ओर तारीख नई आओ ओर राशन कार्ड में केसे चढ़ गई। ई बात से एसो लगत हे कि कोटेदार अनपढ़ होंय को फायदा उठाउत हे। साथई कोटेदार ओर अधिकारी की मंशा साफ दिखात हे कि ऊ आदमियन खा कित्तो गुमराह को फायदा उठाउत हे। जा समस्या की जिम्मेदारी जभे तक जिम्मेंदार आदमी न लेहे तो राशन न वितरण ओर घटतोली की समस्या बनी ही रेहे। तो का सरकार खा जा जिम्मेंदारी लेय के लाने कोनऊ ओर कर्मचारी या विभाग बनने परहे।