योग दिवस को लेकर छिड़ी बहस

नई दिल्ली। दुनियाभर में अब से 21 जून योग दिवस के रूप में जाना जाएगा। संयुक्त राष्ट्र संघ में शामिल एक सौ सतहत्तर देशों ने इस प्रस्ताव को बिना विरोध के मंज़ूर कर लिया है। लेकिन देश के भीतर योग दिवस को लेकर बहस छिड़ गई है। सभी सरकारी विभागों और नेताओं को अब इस दिन सामूहिक योग कार्यक्रम का हिस्सा बनना पड़ेगा। हालांकि विरोध के बाद योग कार्यक्रम से सूर्य नमस्कार को निकाल दिया गया है।

मुस्लिम समुदाय का कहना था कि यह एक धार्मिक प्रक्रिया है। सूर्य हिन्दू धर्म में पूज्य है मगर इस्लाम में सूर्य की कोई जगह नहीं है। ऐसे में मुस्लिम समुदाय के लिए सूर्य नमस्कार करवाना धार्मिक आज़ादी में दखल देना है। विवाद बढ़ता देख सरकार को सूर्य नमस्कार को योग से हटाना पड़ा। लेकिन इस बीच गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो लोग सूर्य नमस्कार नहीं करना चाहते वे समुद्र में डूब मरें या किसी अंधेरी कोठरी में जा छिपें। 21 जून को दिल्ली के राजपथ पर सारे नौकरशाह और नेता योग करते नज़र आएंगे। सभी सरकारी विभागों ने तो आदेश भी जारी कर दिया है कि इसमें शामिल होना ज़रूरी है।