मेंहगाई ने उड़ाए होली के रंग

19/03/2016 को प्रकाशित

कुछ बिखरे, कुछ नहीं बिखरे रंग,
कुछ उड़े, कुछ उखड़े से रंग,
पिचकारी सुनी पानी बिन,
होली अधूरी पैसे बिन!