मिड डे मील में अब भी कमियां

mid day mealजिला पूरबी चंपारण। मिड डे मील योजना में कमियों की रिपोर्ट पूरे राज्य से आ रही हैं। सारन में हुई घटना और सरकार की सख्ती के बावजूद पूरबी चंपारण के परेवा गांव में साठ किलो चावल ज़ब्त किया गया। ये चावल मिड डे मील के लिए आया था। स्कूल की प्रधानाचार्या फरार है।
20 जुलाई को पुलिस को शिकायत मिली कि परेवा के माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्या ने पांच महिलाओं को चावल में से कीड़े-मकोड़े बीनने के काम पर रखा था। जांच पर पता चला कि मिड डे मील के चावल की अस्सी बोरियों को बारिश के मौसम में स्कूल में ही रखा गया था। इन महिलाओं को इस काम के लिए इसी चावल में से बारह किलो चावल दिया गया था। स्कूल की दो टीचरों ने बताया कि स्कूल को दाल और चावल के रख-रखाव के लिए कोई बजट नहीं दिया गया था इसलिए वे इन महिला मज़दूरों को भी दिहाड़ी के रूप में चावल दे रहे थे।
शिखरगंज थाने के एस.एच.ओ. ने बताया कि केस की जांच जारी है। चिरईया ब्लाक के शिक्षा अधिकारी ने कहा कि स्कूल में रखी चावल की बोरियों को सील कर दिया गया है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार पूरबी चंपारण के मोतीहारी, रक्सौल, चकिया, केसरिया इलाकों में दो हफ्तों से मध्याह्न भोजन नहीं बना है। जिला शिक्षा अधिकारी विनोदानंद झा ने कहा कि जल्द ही इन स्कूलों को बजट और सामान उपलब्ध कराया जाएगा।

मिड डे मील के लिए दिशा-निर्देश
सारन में घटी घटना के बाद राज्य सरकार ने मिड डे मील योजना के लिए स्कूलों को कुछ खास आदेश दिए हैं।
-कम से कम एक रसोइया खाने पर लगातार निगरानी रखे ताकि कोई बाहरी चीज़ या जीव जंतु खाने में ना जाए।
-खुले तेल या मिलावटी सामग्री के उपयोग करने पर प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।
-खाना बनने के बाद उसे ढककर रखें। परोसने के पहले प्रधानाध्यापक या टीचर खाने को चखें।
-खाने के पहले बच्चों के लिए साबुन से हाथ धोने की व्यवस्था की जाए।
-प्रधानाध्यापक रसोइघर और रसोइयों की साफ-सफाई का ध्यान रखें। रसोइयों के नाखून कटे हों, कपड़े साफ और बाल बंधे होने चाहिए। रसोइघर की नियमित रूप से सफाई होनी चाहिए।