मास्टर दोबारा घेरेंगे लखनऊ विधानसभा

siksha
शिक्षा मित्र राजेन्द्र सोनी

चित्रकूट। ज़िले में शिक्षक संघ के मास्टरों और शिक्षा मित्रों ने 22 दिसंबर को एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। साल 2005 के बाद भर्ती हुए मास्टरों की पेंशन दोबारा शुरू करने, शिक्षा मित्रों को सहायक मास्टर बनाने और वेतन बढ़ाने की मांग है। 9 दिसंबर को भी धरना किया था। 18 दिसंबर, 2013 को करीब आठ सौ शिक्षा मित्रों और मास्टर अपनी मांगों को लेकर लखनऊ विधानसभा के सामने जुटे थे। अब इन लोगों ने कहा है कि अगर मांगे पूरी नहीं हुईं तो दोबारा 30 दिसंबर को लखनऊ विधान सभा का घेराव करेंगे।
ब्लाक कर्वी, सती अनुसुइया प्राथमिक विद्यालय। यहां के शिक्षा मित्र राजेन्द्र सोनी का कहना है कि हमें पैंतीस सौ रुपए मानदेय मिलता है। इतने वेतन में घर चलाना मुश्किल हो जाता है। दूसरे शिक्षा मित्रों की मांग है कि उन्हें सहायक मास्टर का पद दिया जाना चाहिए।
मानिकपुर का प्राथमिक स्कूल। यहां के मास्टर और शिक्षा मित्रों ने बताया कि सरकार ने पहले पेंशन योजना बनाई थी। लेकिन सन् 2005 के बाद भर्ती होने वाले मास्टरों की पेंशन बंद कर दी है। ये पेंशन योजना दोबारा शुरू होनी चाहिए। मास्टरों और शिक्षा मित्रों का वेतन भी चार-चार महीने बाद आता है। इसे भी नियमित किया जाना चाहिए।
अपर उप जिला अधिकारी अभयराज ने बताया कि मुख्यमंत्री के पास ज्ञापन भेज दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ लिपिक दया शंकर शुक्ला ने बताया कि जिले में कुल पन्द्रह सौ सत्ताइस शिक्षा मित्र हैं। प्राइमरी में बारह सौ सैंतालिस और पूर्व माध्यमिक में नौ सौ उन्तीस मास्टर हैं। सरकार चाहे तो मानदेय और पेंशन की मांग पूरी कर सकती है।