मानसून विशेषांक

Flood for webcover page sookhaये देश छह मौसमों का देश माना जाता है। हर मौसम का अपना समय और अपनी भूमिका है। हर मौसम के अपने फूल, फल, त्योहार, यहां तक कि रंग और स्वाद भी अलग हंै। सदियों से गीतों में, कविताओं में और खबरों में मौसम एक अहम विषय रहा है।
हर साल की तरह इस साल भी देश मानसून की हेरफेर में फंसा रहा। कहीं बारिश ने उत्तराखंड जैसे राज्यों में तबाही मचा दी तो वहीं बिहार में कितने लोगों के खेत बारिश के लिए तरस गए। इस मानसून खबर लहरिया ने बारिश के कुछ दृश्य और कुछ कहानियों को कैद करने की कोशिश की।