महुबलिया खेलन

लइहौं, लइहौं रतन घरे फूले सजइहौं अच्छी महाबुलिया, महाबुलिया के आप हैं लेवइया, ठुनुक, ठुनुक चली महाबुलिया।
बुंदेलखंड में क्वांर का महीना आते ही महुबलिया का खेल खेला जाता है। पितृपक्ष के पंद्रह दिन लड़कियां कांटों में रंग बिरंगे फूल लगाती हैं और मिलकर गाने गाती हैं। इसके बाद कांटों में सजे इन फूलों को नदी में बहा दिया जाता है।