महिला पत्रकारों की कलम से – बिहार के इस गांव में नहीं पड़ेंगे पंचायत चुनाव में वोट

अमृता कुमारी
अमृता कुमारी

अब हर हफ्ते खबर लहरिया में पढ़ें महिला पत्रकारों की कुछ खास खबरें। राजनीति, विकास, संस्कृति, खेल आदि की ये खबरें देश के कोने-कोने से, छोटे-बड़े शहरों और अलग-अलग गांवों से हैं। इस हफ्ते, बिहार की पत्रकार अमृता कुमारी ने समस्तीपुर जिले से खबर भेजी है। अमृता समस्तीपुर में कई सालों से पत्रकार हैं।

बिहार के समस्तीपुर जिले के एक गांव के लोगों ने दिन के उजाले में मोमबत्ती जलाकर और चकला बेलन पीट पीटकर एकजुट होकर कहा कि वह इस बार पंचायत चुनाव में वोट नहीं डालेंगे।
यह गांव है मोहद्दीन नगर प्रखंड के मोहमद्दीपुर पंचायत का मनियर मरगंगपार गांव। पांच हजार की आबादी वाले इस गांव में लोगों ने प्रदर्शन के दौरान हाथ में पहचान पत्र भी ले रखा था। इन सबने मिलकर एक महापंचायत की। कुछ लोगों ने इस महापंचायत का नेतृत्व किया और सर्वसम्मति से फैसला लिया कि इस गांव का कोई भी व्यक्ति वोट नहीं डालेगा।
पंचायत में शामिल अब्दुल सलाम, निसार अहमद, मो.मुजामिन और समीमा खातून ने की मानें तो हर बार प्रधान, विधायक और सांसद केवल मुंगेरी लाल के सपने दिखाते हैं। हम उन सपनों के पूरा होने का सालों इंतज़ार करते हैं। लेकिन हमारे सपने कभी भी सच्चाई में नहीं बदलते। इस गावं में जाने के लिए संपर्क सड़क नहीं है और ना ही बिजली कि व्यवस्था। कुल मिलाकर यहां के लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
हालांकि भले ही गुस्सा केवल एक गांव का फूटा हो लेकिन लेकिन ज्यादातर गांवों का यही हाल है। चुनाव आते ही जनप्रतिनिधि जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाकर वोट अपने झोली में लेने के बाद उनको उनके हाल पर छोर कर ठगते रहे है। लेकिन देखना है कि इस चुनाव में ये मतदाता उनके आश्वासन पर रीझते हैं या फिर उन्हें सबक सिखाते है।