मजदूरी न मिले पे भुखमरी की कगार पे

manrega wजिला महोबा, ब्लाक चरखारी, गांव कीरतपुरा एते के आदमियन ने एक साल पेहले खन्ती की माटी डारे को काम करो हतो। जीखो रूपइया अभे तक नई मिलो हे। आदमी एक-एक रूपइया खा तरसत हे।
गेंदारानी ओर सन्तराम कहत हें की हमने एक साल पेहले खेतन मे माटी डारे को काम करो हतो। जीमें हमाई सौ खन्ती को रूपइया बाकी हे। पूर्व प्रधान से हमने पचास दइयां खाता मे रूपइया डारे खा कहो हतो। ऊने नईं सुनी अब हम लोग एक-एक रूपइया खा तरसत हे।
केसरदास कहत हे की हमाये घर मे अनाज नइयां खायें के लाने। हम लोगन को परिवार एई मजदूरी के सहारे राहत हे। पेट भरे के लाने दाना-दाना खा तरसत हे। गांव के बीस आदमी कहत हे की हमाये बच्चन के कपड़ा नइयां। अगर रूपइया मिल जातो तो घर को कछू खर्चा तो चल सकत हे। ऐसी सूखा मे हमे सब कछू खरीदने परत हे। चरखारी बी.डी.ओ. अहमद विद्यार्थी बताउत हे की जीखे खाता संख्या गलत हते ओई को रूपइया नईं आओ हे। अब दूबारा से सबके खाता संख्या लेके सही कराओ जेहे। ऊखे बाद खाता मे भेजो जेहे।

रिपोर्टर – श्यामकली