मजदूरी का रुपिया समय से न मिलै से रुके घर खर्च

Exif_JPEG_420जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, ग्राम पंचायत खलारी, मजरा गाजीपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारन्टी योजना (मनरेगा) के तहत फागुन के महीना कीन गा मेड़बंदी अउर समतलीकरण के काम का रुपिया अबै तक मजदूरन का नहीं मिला आय। यहिसे कइयौ मजदूर परेशान हैं। जबैकि सरकारी नियम के हिसाब से हर सात दिन मा मजदूरन का हिसाब होय का चाही अउर बी.डी.ओ. भी या बात मानैं का तैयार निहाय कि लोगन के मजदूरी परी है।
रामकेश पटेल, राजेश अउर रामकेश दलित का कहब है कि हम लोग गरीब मजदूर इनतान के धूप लुवार मा खून पसीना एक कइके काम के सहारे आपन परिवार पालित हन। या साल सूखा के कारन किसानी भी ठप्प है। अनाज का एक दाना भी पैदा नहीं भा आय। 11 दिन खंती खोदैं अउर समतलीकरण का लगभग 30 लोग काम कीन हैं, पै मजदूरी एक रुपिया नहीं मिली आय। फरूहा, कुदारी के सहारे रहित हन, पै मजदूरी समय से नहीं मिलै। या मारे घर खर्च रुक जात है।
मेहनत करब तौ ठीक है, पै समय से रुपिया न मिलैं से भटकत रहित हन।
प्रधान अउर सचिव से मजदूरी के मांग करित हन तौ उंई कहत हैं कि तुम्हरे खाता मा रुपिया आ गा है। बैंक जात हन तौ खाता खाली देखैं का मिलत है अउर निराश होईके चले आवत हन।
नरैनी बी.डी.ओ. रामकिशन से बात कीन गे तौ उनका कहब है कि लोगन के मजदूरी समय से दीन जात है। यतने दिन कउनौ के मजदूरी नहीं रोकी जात।
खलारी रोजगार सेवक राजनरेश का कहब है कि अप्रैल के महीना मा 174 मजदूरी का शासनादेश आ गा रहै। या मारे देर होइगे है। जेत्ते का डिमांड लगा दीन गा रहै। पहिले उनके आ गे हैं। जउन रही गे हैं, तौ 20 मई तक सब के खाता मा रुपिया आ जई।

रिपोर्टर – गीता