भूकम्प दहशत में जीते लोग

GHR  IGRAL f12 मई 2015 के साढ़े बारह बजे दिन में फिर से आया दुबारा भुकम्प। जिससे लोगों में भुला हुआ डर फिर से बन गया है। 25 अप्रैल 2015 को आए भुकम्प को लोग भुल रहे थे कि डर फिर से ताजा बन गया है। इस बार भी लोगों की मौत हुई और घर गिरे हं, घर में दरारें भी फटी है।
शिवहर जिला के विश्वम्भर पुर  गांव के इन्दल दास के छत सहीत घर गिर गया। वही के सीया देवी, रतन दास लगभग सात आदमी का घर गिर गया है। जगरनाथी दास का कहना है कि पहला भुकम्प में दिवाल में दरार फट गया था। अब तो चारो तरफ से दिवाल छोर दिया है। अभी घर छोर के बाहर में रहतें है। दरार फटने से डर के मारे घर में नहीं जा रहे है।
रीगा प्रखण्ड के शहवाज पुर पंचायत के मुखिया षिवचन्दर पासवान का कहना है कि इस पंचायत में लगभग दस आदमी का घर गिर गया है। मेरा भी घर का दिवाल फट गया है। यह तो पाकृतिक घटना है। इस होनी को कोई नहीं जानता है। घर गिरने वाले लोगों का आवेदन ब्लाक में भेजे है।
कुसमारी गांव के केषरीनन्दन प्रसाद के भुकम्प के कारण हाड एटैक हो गया है जिनकर उम्र लगभग पचास वर्श था। अभी भी लोग घर छोरकर बाहर ही रहते है।
अंचल अधिकारी सूर्यकान्त प्रसाद का कहना है कि जिनका घर गिरा है। उनका मुआवजा सरकार देगें। यह घटना कोई नहीं जनता है कि क्या होगा। शिवहर  के जिला अधिकारी विनोद नारायण सिंह का कहना है के इससे बचने के लिए जगह जगह कैम्प लगया गया है। लोगो को इससे बचने के भी उपाय बताए जा रहे हैं।