भगौड़ा भाग रहा था और भी दूर!

साभार: फ्लिकर

पीएनबी घोटाला सामने आने के करीब तीन महीने पहले हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने वनुआतु देश की नागरिकता हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन वहां की सरकार ने इनकार कर दिया था।

बता दें, 13 हजार करोड़ के पीएनबी घोटाले में नीरव और मेहुल चौकसी मुख्य आरोपी हैं। मेहुल को एंटीगुआ की नागरिकता हासिल करने में कामयाबी मिल गई।

एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, वनुआतु की नागरिकता हासिल करने के लिए नीरव ने नवंबर 2017 में 18 अधिकृत एजेंट्स में से एक के अकाउंट में 195,000 डॉलर (करीब 1.4 करोड़ रुपए) ट्रांसफर किए थे। वनुआतु की सरकार निवेश कार्यक्रम के तहत बाहर के लोगों को नागरिकता देती है।

वनुआतु सरकार ने नागरिकता देने के पहले नीरव मोदी की खुफिया जांच की। इसमें नीरव के खिलाफ कई प्रतिकूल रिपोर्ट सामने आईं। इसके बाद सरकार ने मोदी के आवेदन को खारिज कर दिया। नीरव और चौकसी इस साल जनवरी के पहले हफ्ते में देश छोड़कर भाग गए थे। नीरव ने जून में यूके में शरण के लिए आवेदन दिया था। इससे पहले, उसके सिंगापुर और अमेरिका में होने की खबरें आई थीं।