बुरे फंसे कानून मंत्री

(फोटो साभार: AFP)
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नई दिल्ली। फ़र्ज़ी डिग्री के मामले में दिल्ली सरकार में कानून मंत्री रहे जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी पर राजनीतिक गर्मी बढ़ने लगी है। उनकी गिरफ्तारी को आम आदमी पार्टी के नेता बदले की कार्रवाई कह रहे हैं। जितेंद्र सिंह तोमर पर आरोप है कि उनकी कालेज और एल.एल.बी. की डिग्री फ़र्ज़ी है। पुलिस टीम ने तोमर को 9 जून की सुबह उनके घर से गिरफ्तार किया। उन्हें पूछताछ के लिए हौज़ खास पुलिस थाना ले जाया गया और फिर वसंत विहार थाने में भेज दिया गया। तोमर के खिलाफ 8 जून की रात को मामला दर्ज किया गया था।

आम आदमी पार्टी का कहना है कि उनके नेता को गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं भेजा गया। मगर दिल्ली पुलिस का कहना है कि तोमर पुलिस पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे, इस कारण उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा। आम आदमी पार्टी नेता संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार पार्टी के नेताओं को जेल से डराने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के कमिशनर बीएस बस्सी ने कानून मंत्री तोमर की गिरफ्तारी पर कहा कि सारी कार्रवाई कानूनी प्रक्रियाओं के दायरे में हुई है। तोमर पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ीं धाराएं हैं। हालांकि भारतीय जनता पार्टी की नेता और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी पर भी फ़र्ज़ी डिग्री के आरोप हैं। स्मृति ईरानी पर चुनावी शपथ पत्र में अपनी शिक्षा के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप है।