बुढ़ापे में नइयां कोनऊ सहारा

रावरानी
रावरानी

जिला महोबा, ब्लाक चरखारी, गांव स्वासामांफ को मजरा नरेड़ी। एते की सत्तर साल की ओरतन खा वृद्धा पेंशन नई मिलत आय। जभे कि एक साल पेहले प्रधान ने फारम भरवाये हते। एई से ऊ गरीब बूढ़ी ओरतें ई उमर में भी मजदूरी करे खा मजबूर हें।
बुधिया ओर सगुन्ती ने बताओ कि हमाई उमर सत्तर साल हे। ई उमर में सूधो ठाढ़े तक नई हो पाउत हें, पे आपन पेट चलाये खे लाने कछु न कछु तो करने परहे। एई से हम दूसरेन के घर में दार-बरी करके ओर बर्तन मांज के आपन पेट पालत हें।
सत्तर साल की रावरानी बताउत हे कि मोओ वृद्धा पेंशन को फारम पिछले साल प्रधान भरवा ले गओ हतो, पे आज तक पेंशन मिले की नोमत नई आई आय। मोये दो लड़का हें दोनऊ अलग रहत हें। मोओ आदमी चिरंजी लाल ऊखी भैंसिया चराउत हे। तो ऊखो खाये खा मिल जात हे, पे में चलें नई पाउत। एई से आदमियन की मूंगफली टोरत हों। ओई से आपन नून तेल चलाउत हों। रावरानी कहत हे कि अगर वृद्धा पेंशन के प्रधान ने फारम भरे हें, तो पेंशन काय नई मिलत आय।
प्रधान कपूर सिंह ने बताओ कि मोये गांव में पन्चानबे आदयिन खा बी.पी.एल.सूची में नाम न होंय सें वृद्धा पेंशन नई मिलत हे।