बी.पी.एल. के तहत नहीं भराया मिट्टी

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अभी तक नहीं भरी गई मिट्टी

सीतामढ़ी एवं शिवहर के कई प्रखण्डों में मनरेगा के तहत बी.पी.एल. परिवारों  के यहां मिट्टी भराई के लिए लिखा गया है। कच्चे घरों में खासकर बरसात के बाद आंगन में गड्डे हो जाते हैं। मनरेगा के तहत इन गड्ढों को भरवाया जाता है। हालांकि मिट्टी घर के लोगों को ही देनी पड़ती है। पर मजदूर  मनरेगा के ही काम करते हैं। यानि मजदूर मनरेगा मिलने से इन लोगों की मजदूरी बच जाती है। लेकिन सालों बीतने के बाद भी मिट्टी भराई नहीं हुई है। इसमें जिला प्रखण्ड शिवहर, गांव कुशहर कसवां टोला वार्ड नम्बर नौ की भगवती देवी, कुंती देवी, राजा महतो का कहना है कि दो साल पहले बी.पी.एल. के तहत घर के आंगन में मिट्टी भराने के लिए लिखा था। लेकिन अभी तक मिट्टी नहीं भरी गई है। गड्ढे भी इन दो सालों में और ज्यादा गहरे हो गए हैं। यहां के मुखिया के पति का कहना है कि उस वार्ड में पूर्व मुखिया के रहते मिट्टी भरवाई गई थी। अभी पांच साल पूरा नहीं हुआ है। सरकारी नियम के अनुसार पांच साल बाद ही मिट्टी भरी जाएगी। रोजगार सेवक सुरेश कुमार का कहना है कि अभी अनुसुचित जाति के लोगों के घर में मिट्टी भ्राई का काम हो रहा है। उसके बाद बाकी लोगों का होगा।

उसी प्रकार सीतामढ़ी जिला, प्रखण्ड रीगा, गांव रामनगरा वार्ड नम्बर सोलह और बथनाहा प्रखण्ड के सोनमा गांव, वार्ड नम्बर तेरह में लगभग तेरह लोग जो बी.पी.एल धारी है, उनके यहां भी मिट्टी भराई नहीं हुई है। रामनगर के वार्ड सदस्य वीरेन्द्र पासवान का कहना है कि मैंने पूरे वार्ड का सर्वे करके लिस्ट सितंम्बर में पंचायत में जमा कर दी थी। लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। कार्यक्रम पदाधिकारी कृपाशंकर झा और कार्यक्रम पदाधिकारी कुमार चंद्रशेखर का कहना है कि मिट्टी भराने के लिए लोगों को अपने से पैसा लगाना पड़ेगा, बाद में पैसा मिलेगा। अगर बी.पी.एल. धारी अपनी मिट्टी दे रहे हैं तो वह आकर प्रखण्ड में आवेदन दें, उनका काम हो जाएगा।

मनरेगा के तहत मिट्टी भराई के नियम पहले आम सभा की बैठक में जमीन की रसीद आवेदन के साथ जमा की जाती है। उसके बाद मनरेगा के तहत सर्वे और जमीन की नाप की जाती है। उसके बाद मिट्टी भरने का काम होता है।