बी.डी.ओ महेन्द्रदेव से बातचीत

जिला फैजाबाद, ब्लाक तारुन। हिंआ के खण्ड विकास अधिकारी जवन हाल ही मा तारुन मा बी.डी.ओ कै पद सम्हालिन उनसे खबर लहरिया कै पत्रकार विकास के मुद्दा पै करिन बातचीत।
सवाल-हिंआ से पहिले आप कहां अउर कउने पद पै काम करत रहिन?
जबाब-यसे पहिले हम हरदोई ब्लाक के बाउन अउर टोडलपुर दुई ब्लाक मा खण्ड विकास अधिकारी के पद पै काम करत रहेन। हमार शुरुआत यहीं से भै बाय।
सवाल-आप सबसे ज्यादा कउने मुद्दा पै ध्यान देइहै?
जबाब-मनरेगा पै। मनरेगा मा ज्यादा से ज्यादा मेहरारु जुड़ै ज्यादा मजदूर जुडि़है तौ बजट ज्यादा पास होये अउर काम भी ज्यादा होये। हम चाहीथी मनरेगा मा मेहरारु कै भागीदारी तैतिस प्रतिशत हुवय। नियम भी इहै बाय कि मेहरारु ज्यादा से ज्यादा जुड़ै।
सवाल-आप सबसे ज्यादा मनरेगा पै काहे ध्यान दियै चाहाथिन बागवानी या अन्य मुद्दा पै काहे नाय?
जबाब-हर एक मनई चाहाथै कि ऊ सरल से सरल काम करै। योजना की ताई तौ ग्यारह शसनादेश बाय। मछली पालन, रेशम कै कीड़ा पालन जैसेन योजना बाय लकिन सब करै नाय चहतिन।
सवाल-इन्द्राआवास के बारे मा आप काव कहै चाहाथिन नियम काव बाय?
जबाब-इन्द्राआवास की ताई पैतालिस हजार वही मा शौचालय, लोहिया की ताई एक लाख दस हजार मजदूरी भी शामिल बाय। एक जून से एक नया नियम लागू भै बाय। राष्ट्रीय ग्रामीण खाद्यय मिशन योजना। जेहमा सौ प्रतिशत मेहरारु ग्राम पंचायत स्तर पै समूह बनइहै एक दूसरे कै सहयोग लै सकाथिन। जब तक कउनौ रोजगार न करिहं।
सवाल-यहि समय कहूं-कहूं बाढ़ आय गै बाय जेसे किसानन कै फसल सूख गै बाय तौ उनके ताई कवन नियम बाय?
जबाब-फसल बीमा योजना यहि साल से लागू बाय। धान, गन्ना, गेहूं हर फसल कै बीमा हुआ थै। खाद बीज के सीजन मा जे बैंक से ऋण लिया थै वकै अपने आप मा बीमा होय जा थै।