बीज भंडार मा नहीं मिलै कीड़ा के दवाई

 

कबै खुली ताला
कबै खुली ताला

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव घाटा कोलान अउर निही चरैया समेत पांच गांव। इं गांव के लगभग पांच हजार किसानन के अरहर, मूंग, उरदा अउर भिंडी अउर भाटा के फसल मा दुइ महीना से कीड़ा लागत हवै। या कारन उंई मानिकपुर बीज भंड़ार मा दवाई लें जात हवैं पै हुंवा ताला लाग रहत हवै। यहै से उंई परेशान हवंै।
मानिकपुर बीज भंडार के प्रभारी रेवती का कहब हवै-” बीज भंड़ार मा अबै दवाई नहीं आई आय। या हफ्ता के भीतर आ जई तौ किसानन का दीन जई।”
घाटा कोलान गांव के संतोष कुमार, लक्ष्मी अउर सम्पतिया समेत पांच किसानन का कहब हवै कि हमार घर का खर्चा खेती से ही चलत हवै। या दरकी अरहर, मूंग अउर उरदा मा कीड़ा लागत हवैं तौ एक बरस के मेहनत मा पानी फिर जई। कीड़ा मारैं खातिर दवाई नहीं मिलत आय। काहे से कि बीज भंडार मा ताला लाग रहत हवै। यहै से खाली हाथ लउटै का परत हवै।
कुछ यहिनतान कहत हवंै निही चरैया गांव के विजय अउर बद्दू। अगर फसल नींक न होइ तौ का खइबे? भिंडी अउर भाटा के खेती मा कीड़ा लाग गा हवै। अगर दवाई मिल जाये तौ नींक होइ।