बिहार में कुर्सी की जंग

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नितीश कुमार
जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी

बिहार में इन दिनों राजनीतिक संकट छाया हुआ है। मौजूदा मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन अब नीतीश अपना पद वापस चाहते हैं। पर मांझी पद से हटने को तैयार नहीं हैं। इस बात को लेकर दोनों में जंग बढ़ती जा रही है।

2014 मई में लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद बिहार की राजनीतिक पार्टी जनता दल यूनाइटेड के मुखिया नीतीश कुमार ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था।
उन्होंने अपनी जगह महादलित समुदाय के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था। लेकिन इस बीच जीतन राम मांझी ने न केवल भारतीय जनता पार्टी बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरहाना खुलकर की। इससे नाराज़ नीतीश कुमार अब दोबारा अपना पद पाना चाहते हैं। नीतीश ने विधायक दल की बैठक कर अपना बहुमत साबित भी कर दिया था। लेकिन पटना हाईकोर्ट ने जीतन राम मांझी की शिकायत पर इसे अवैध बैठक कहा है। कोर्ट ने फैसला दिया कि विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री ही बुला सकता है। बिहार में विधान सभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में जीतन राम मांझी की जि़द जेडीयू को भारी पड़ सकती है।
बहुमत के लिए चाहिए 117 विधायक
243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में वर्तमान में 233 विधायक हैं। बहुमत के लिए 117 विधायक चाहिए. नीतीश कुमार खेमे ने खुद के समर्थन में 130 विधायकों की सूची तैयार की है। इसमें जदयू के 97 विधायक के अलावा, राजद, कांग्रेस व वाम दलों के विधायक शामिल हैं। जीतन राम मांझी को भाजपा के समर्थन की उम्मीद है।