बिना मानदेय कैसे हुवय काम?

खाना बनावत रसोइया
खाना बनावत रसोइया

जिला फैजाबाद, ब्लाक तारुन, प्राथमिक विद्यालय ऊंचगांव। यहिंके रसोइयन का छह महीना से मानदेय नाय मिला बाय। जेसे इनके सबके सामने काफी समस्या बनीं बाय।
खाना बनावै वाली निर्मला अउर गीता देवी बताइन कि एक हजार रुपया मिलाथै उहौ छह महीना से नाय मिला। कवन मेर घर कै खर्चा चलै। अगर मजदूरी करै जाए तौ डेढ़ दुई सौ रुपया रोज मिल जाथै। हर महीना तीन चार हजार रुपया होय जाथै। हर महीना कै चार पांच हजार मिल जाथै। लकिन हमरे सबकै यतनी मंहगाई मा एक हजार मिलाथै। यतने पैसा मा कवन मेर खर्चा पूरा हुवय।
रसोइया विद्यावती बताइन कि एक हजार रुपया तौ सिर्फ महीना भर के सब्जी कै होय जाथै। राषन कै खर्च अलग बाय। वहू मा हर महीना मिलबौ नाय करत। छह महीना से नाय मिला कहां तक कर्ज लइके खर्चा चलावै। हमरे सबके खाता मा पैसा नाय आवत। प्रधान अउर प्रधानाध्यापिका के ज्वाइंट खाता मा आवाथै।
प्रधानाध्यापिका इन्द्रावती वर्मा बताइन कि हर महीना मांगपत्र भरिकै भेजा जाथै लकिन षासन से नाय आवत बाय। एक स्कूल कै बात नाय पूरे तारुन ब्लाक के रसोइयन कै पैसा नाय आवत बाय।
खण्ड शिक्षा

विभाग कै सह समन्वयक गयाप्रसाद बताइन कि जिला से पैसा नाय आय बाय। कुछ स्कूल कै नाय मिला बाय जउने कै मांग कीन गै बाय।