बिना तलाक दिहे लाइन दूसर मेहरारू

जिला अम्बेडकर नगर, ब्लाक टाण्डा, ग्राम सभा भारी डीहा। हिंआ कै सविता यादव कै पति अरविन्द यादव अपने मेहरारू का बिन तलाक दिहे दूसर मेहरारू लाय हईन।
सविता यादव कै कहब बाय कि हमार शादी सन् 2002 मा नेवकबीरपुर गांव मा अरविन्द यादव के साथे भै रहा। एक साल से आपन बेटवा लइकै हम गोसाईगंज मा कमरा केराया पै लइकै रही थी। ससुराल वाले के प्रतड़ना से तंग आयके ससुराल छोड़ी के माइके मा आयन। हमार माइके वाले महतारी बाप गरीब हईन। अउर अपने बेटवा कै खर्चा देखै का बाय। यहि कारन हम गोसाईगंज मा सिलाई कई कै आपन अपने बेटवा कै खर्चा चलाई थी। हमार पति बिना तलाक दिहे दूसर मेहरारू लाय हईन। हम कोर्ट से गुजारा भत्ता अउर दहेज उत्पीड़न कै दावा करे बाटी मुकदमा चलत बाय।
ससुराल वाले लांक्षन लगावत बाटिन कहू हमार सुनवाई नाय होत बाय। तीन महीने पहिले दूसर मेहरारू लाईन। हम जब ससुराल गयन तौ पूरा परिवार वाले घर मा हलै नाय दिहिन। अउर गाली दइकै भगाय दिहिन।
सविता कै ससुर रामअचल यादव बताइन कि वै हमरे घर मा सही से नाय रहत रहिन। हरदम झगड़ा लड़ाई करत रहिन। बिन बताये घर छोड़ी कै चली गईन। कइयौ जगह पता लगायन कहू पता नाय चला। जब मुकदमा करिन तब पता चला। हम लवै का चहित रहेन लकिन आइन नाय। 125 कै मुकदमा कै दिहिन। तलाक खातिर हमरे सब करे हई। जब हमार नाती बड़ा होई जाए हम लई लेब। आस-पास कै मनई बताइन दुई-नौ जने मा कमी रहा।