बिजली कटौती बनीं मुसीबत

lodhvara bijliगर्मी बढ़तै बिजली आपन सितम ढ़ावै लाग। जेसे काफी दिक्कत कै सामना करै का परत बाय। चाहे ऊ चोती किसानी या पढ़ाई लिखाई मा फिर सरकारी काम हुवय बिजली सही पगकार सक न आवै से काफी गहरा असर पड़त बाय।
फैजाबाद अउर अम्बेडकर नगर मा बिजली कै कटौती से काफी समस्या बाय। एक तरफ नहर मा पानी न आवै से बिजली कै सहारा रहा उहौ नाय मिलत बाय। कि वही से फसल कै सिंचाई होय होय जाए। न घर कै काम होय पावत बाय न बाहर कै। अगर यही हाल रहा तौ वहि किसानन कै काव होये जेकै जीवन खेती पै निर्भर बाय? एक तौ वइसे किसानन का फसल बर्वादी से हानि भै बाय दुसरे तरफ ई बिजली कै सितम् काफी समस्या खड़ी कै देहे बाय।
षासन प्रषासन भी बिजली प्रक्रिया ठीक करावै पै काफीषक्त बाय लकिन हर हफ्ता तेज आंधी से फिर वही हाल बनुवावै के बादौ होय जाथै। जगह-जगह ट्रान्सफार्मर फुंकै से हफ्ता भै मनईन का अंधंरा या दूसर लागै के बादौ धीम बिजली आवै से हर किसानन कै समस्या बाय। जेसे उनके जुबान से दहै सुनै का मिलत बाय कि आखिर कब दूर होये ई समस्या?
बिजली कनेक्षन धारक का पूरे चैबिस घंटा मा सही से दसौ घंटा बिजली नाय मिलत। जेसे उनमा काफी आक्रोष बाय। अउर हुवै काहे न यस बिजली लेहे कवन फायदा जवने से कउनौ काम न होय पावै। षासन प्रषासन का भी किसानन के बारे मा सोंचै का चाही। अगर दस घंटा की जगह मनइन का दुई चार घंटा बिजली मिले तौ कवन फायदा होये?