बाढ़ करिस मड़इन का बेघर

बाढ़ मा घर होइगे मैदान
बाढ़ मा घर होइगे मैदान

चित्रकूट जिला मा या समय बाढ़ हा हाकार मचाये हवै। बाढ़ के कारन हजारन मड़ई घर से बेघर होइगें तौ कउनौ के जान चली गे हवै। शासन प्रसाशन बाढ़ पीडित मड़इन के मदद करै मा लाग हवै।
चित्रकूट जिला, ब्लाक मऊ, गांव मऊ अउर मवई। हिंया बाढ़ से मड़इ बहुतै परेशान हवंै। मवई गांव तौ यमुना नदी के चपेट मा आ गा अउर घरन मा पानी भरा हवै। या कारन तीन सौ मड़ई घर से बेघर होइगे हवंै। बेघर मड़इन का मऊ के कौशामबी इन्टर कालेज मा ला के रहै के व्यवस्था प्रशासन करवाइस हवै। यहिके अलावा सिरावल, बरूआ, टिकरा, ताड़ी, अउर बरवारा गांव मा भी बाढ़ का असर हवै।
अस्सी बरस के जगतरानायण बतावत हवै कि मोरे जान मा इनतान के बाढ़ 1978 मा आई रहै। या दुसरी दरकी इनतान से आई हवै। मड़ई तौ कउनौतान बाढ़ से निकल गा पै जानवर पानी मा बही गें हवै। गांव के सोहगिया बताइस कि एक हफ्ता से बाढ़ से परेशान हन हमार गरीबन का सब कुछ पानी मा बहीगा। सरकार कबै हमार मदद करी अउर केत्ता करी। जउन अधिकारी अउर नेता आवत हवैं तौ बस यहै कहत हवै कि भरोसा रखौ। उनके भरोसा से हमार परिवार कबै तक टिका रही। मऊ कस्बा मा भी यमुना का पानी भरा हवै। यहिसे केवटन अउर दलित बस्ती के कुछ घरन मा पानी भरगा हवै। मड़इन का कहब हवै कि पता नहीं कहां के पानी खोल दीन गा हवै।
ब्लाक रामनगर, गंाव बांधी। हिंया के कल्लू, सोनिया, बिरिन्दा सैकड़न मड़इन का कहब हवै कि घर गिरगंे हवैं। या कारन सड़क के किनारे पन्नी के झोपडी बना के आपन परिवार का लइके रहित हन। कुछ लोगन का बरात घर मा प्रधान राख दिहिस हवै। हमार घर का पूर सामान दब गा हवै। आपन बच्चा लइके निकर पाये हन।
ब्लाक पहाड़ी, गांव बक्टा बुजुर्ग। हिंया के रामकृष्ण का कहब हवै कि 27 अगस्त का अपने मेहरिया का लेवावै राजापुर से बक्टा गे रहौं तौ गेड़ुवा नाला मा मोर मेहरिया कुसला देवी अउर बिटिया आशा दूनौ रपटा मा फिसल गई हवै। उंई दूनौ मर गई हवैं। इनतान के बाढ़ मा मिली तक नहीं हवंै। उनका बहुतै ढूढा़ गा।
या मामला का लइके खबर लहरिया पत्रकार कर्वी तहसीलदार भगवान दास से बात करिन। उनकर कहब हवै कि 24 अगस्त का गांव गये रहौं मड़इन का सुरक्षित जद्या मा पहुचावा गा हवै। बाढ़ से सगवारा गांव मा बारह घर, तीर घुमाई गांव मा एक, सरघुवा मा चैदह घर, अरकी गांव मा तीन अउर चिल्ली गांव मा एक घर गिरे हवंै। इं घर गिरे वालेन का मुआवजा दीन जई। अबै सूची बन के तैयार कीन जात हवै।

डी.एम बलकार सिंह कहिन कि बाढ़ पीडि़त मड़इन के नुकसान के सूची तुरतै दीन जाये।