बांदा जिले के मेडिकल कॉलेज में कॉलेज के अलावा और कुछ नहीं

11/10/2017 को प्रकाशित

बांदा के मेडिकल कालेज में

जिला बांदा कस्बा बांदा। हेंया जउन मेडिकल कालेज बना है वहिका उत्तर प्रदेष का नम्बर एक मेडिकल कालेज काहा जात है पै या नम्बर एक मेडिकल कालेज मा डाक्टर आंही न दवाई के कुछौ सुविधा आय। छोटे छाटे बीमारी के इलाज मा भी मडइन का चार चार दिन दउडे का पडत है मेडिकल कालेज के प्रभारी डाक्टार षरद का कहब है कि स्टाफ नही आप यहै कारन मरीयन का परेषानी होता है पांच साल मा डाक्टार के कमी पूर होइ पई।

रईस का कहब है कि मै आपन मेहरिया के दांत निकलवावै आये रहेंव तौ डाक्टर आधा दांत निकालिन है। आधा दांत निकलावै खातिर रोज दउडे का पडत है डाक्टर स्टाफ कम होने का बहाना बना देत है।
अजीत बताइस कि मोरे फोडा होइ गा है एक हफ्ता से दवाई खातिर दउडत हौ पै अबे तक सही दंग से इलाज नहीं भा आय। आर एस तिवारी अउर षिवनारायण का कहव है कि हेंया के डाक्टर मनमानी करत हैं। मडइन का जउन डाक्टर से इलाज करावें का है वा डाक्टर हेंया नही रहत आय।

मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य सुनील कुमार मौर्य का कहब है कि पूरे देष मा पैतालिस प्रतिषत डाक्टर के कामी हैं। जउन हिसाब से अस्पताल मा डाक्टर होवा चाहींं वा हिसाब से नहीं आहीं।

बाइ लाइन खबर लहरिया ब्यूरो