बस नाम के सरकारी ट्यूबवेल

NALKOOPजिला सीतामढ़ी प्रखण्ड डुमरा बथनाहा रीगा और सोनबरसा। जिले के अलग अलग प्रखंडों में बोरिंग कई जगह बंद पड़े हैं तो कई की नालियां टूटी होने के कारण किसान इससे खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
बथनाहा प्रखण्ड की पंचायत बथनाहा के पूर्वी गांव मजगमा की निवासी कौशल्या देवीए किशोरी रायए पूर्व उपमुखिया सत्येन्द्र साह ने बताया कि उनके गांव में 1962 में सरकार की तरफ से बोरिंग करवाई गई थी। जब तक यह चालू हालत में थाए तब तक इससे आसपास के खेतों की सिंचाई होती थी। लेकिन बाद में बिजली न रहने से 1997 में ये ठप हो गया है। महिला प्रधान के पति रंजन झा और प्रखण्ड विकास पदाधिकारी मोहम्मद कलामुदीन ने बताया कि दिसम्बरए 2012 माह में बोरिंग फिर से चालू की गईए लेकिन ट्यूबवेल से सिंचाई के लिए बनाई जाने वाली नाली खराब होने के कारण किसान अब भी इसका फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
रीगा प्रखण्ड के सहवाजपुर पंचायत गांव खरसान में सरकारी बोरिंग चालू हालत में तो हैए लेकिन वहां भी नाली टूटी होने से सिंचाई के लिए पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इस प्रखण्ड में कुल छब्बीस सरकारी वोरिंग हैं। इसमें से केवल नौ चालू हालत में हैं। सोनबरसा प्रखण्ड के इनरबा पंचायत के गांव सहोरबा में सरकारी वोरिंग को लगे लगभग बारह साल हो गए हैं। लेकिन अभी तक वोरिंग चालू नहीं किया गया है। डुमरा प्रखण्ड के परोहा गांव में भी स्टेट वोरिंग की छत टूटी है। नलकूप विभाग के पदाधिकारी का कहना है कि बिजली लगाने का काम बिजली विभाग का है। जहां कुछ टूट फूट हैए वहां मरम्मत करवाई जाएगी।