बजट 2018: स्वास्थ्य और ग्रामीण क्षेत्र पर सरकार मेहरबान

भारतीय जनता पार्टी ने अपने कार्यकाल के अंतिम बजट में स्वास्थ्य और कृषि पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
माना जा रहा है कि इस बजट के द्वारा, प्रति वर्ष 100 मिलियन गरीब परिवारों, 500 मिलियन लोगों के प्रत्येक परिवार पर 500,000 रुपए तक के माध्यमिक और तृतीयक देखभाल व्यय के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना के शुभारंभ की घोषणा की है।
वर्तमान राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना, गरीब परिवारों के लिए 30,000 रुपए की सुरक्षा निधी  प्रदान करती है।
जेटली ने देश भर में 24 नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों/अस्पताल शुरू करने की योजना के बारे में भी बताया।
कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने उत्पादन की लागत की 150 फीसदी की दर पर सभी खरीफ (मानसून) फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रस्तावित किया है।
अन्य बड़ी घोषणाओं में, वित्त मंत्री ने कृषि बाजारों के विकास के लिए 2,000 करोड़ रुपए और ऑपरेशन बाढ़ की तर्ज पर, ऑपरेशन ग्रीन्स को लॉन्च करने के लिए 500 करोड़ रूपए के आवंटन की घोषणा की है, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं के लाभ के लिए आलू, टमाटर और प्याज में मूल्य में उतारचढ़ाव को हल किया जा सके।
अगले साल के लिए कृषि ऋण 10 फीसदी बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये से 11 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।
जेटली ने बताया कि 100,000 करोड़ रूपए जुटा कर सरकार ने चालू वर्ष के विनिवेश लक्ष्य को पूरा किया है , लेकिन 2018-19 के लिए विनिवेश लक्ष्य को 80,000 करोड़ रुपए तक कम किया है।
वेतनभोगी करदाताओं के लिए, जेटली ने 40,000 रुपये की मानक कटौती की घोषणा की है। साथ ही यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को जमा राशि पर ब्याज आय में 50 हजार रुपए तक की छूट मिलेगी।

फोटो और लेख साभार:  इंडियास्पेंड