फसल के लिए पानी जरूरी

जिला सीतामढ़ी, प्रखण्ड रीगा, गांव खरसान और रामनगर। वहां के स्टेट बोरिंग नाला और बिजली नहीं रहने के कारण बन्द हंै। जिस कारण किसानों को सुविधा नहीं मिल पा रही है।
रामनगर के किसान रामलाल पासवान, मंगर पासवान, कलही देवी सब का कहना है यहां का स्टेट बोरिंग पहले जब चालु था तब तीन चार गांव के खेतों में पानी जाता था। हमलोग भी समय समय पर हर फसल उगाते थे। राज कुमार महतो का कहना है कि अब समय पर पानी नही मिलता है तो मरूआ और मक्का का खेती सब लोग नहीं कर पाते हंै। प्राइवेट से पम्पी सेट वाला लगभग एक सौ बीस रूपया प्रति घंटा लेता है। जिस कारण सब किसान खेत नहीं पटा पाते हैै। स्टेट बोरिंग चालु है लेकिन बिजली के बोल्ट कम रहने के कारण मषीन लोड नहीं उठा पता है।  दुसरा 1993 के बाढ़ में जो नाला टुट गया वोे अभी तक नहीं बना है।
खरसान के किसान राम जिवन राउत, धरम लाल महतो, राम भरोश बैठा का कहना है कि याहां का स्टेट बोंिरंग चालु है बिजली भी रहती है। लेकिन नाला नहीं रहने के कारण किसान को सुविधा नहीं मिल पाता है।
लघु सिचाई विभाग के जेई ष़त्रुधन प्रसाद का कहना है कि जिला में एक सौ चैरासी स्टेट बोरिंग है जिसमें साठ चालु है और छेयालीस पर अभी काम चल रहा है। जो वित्तिये वर्श 2015 में चालु हो जायेगा। जहां पर बिजली की समस्या है वहां बिजली विभाग काम कर रही हैं। खरसान के बोरिंग का नाला पास हो गया है। जिसका बजट आठ लाख है टेन्डर पास होने पर बनना षुरू हो जाएगा।