प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र – कहीं भवन नहीं तो कहीं जर्जर इमारत

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बिना छत प्राथमिक स्वस्थ्य केंद्र

ज़िला सीतामढ़ी। यहां 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। जिसमें लगभग आधे से अधिक केन्द्रों का अपना भवन नहीं है। यह किराए के मकानों में चल रहे हैं।
बथनाहा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में आई गर्भवती महिलाओं मीना देवी और राधिका देवी का कहना केंद्र में बेड न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को अपने नंबर का इंतजार करना पड़ता है। प्रसव के बाद नवजात बच्चे की देखरेख का काम करने वाली ममता कार्यकत्री सुमित्रा देवी और राजकुमारी देवी ने बताया कि जब भवन ही नहीं है तो बेड कहां रखे जाएंगे। यहां केवल दो बेड हैं। जिस दिन ज़्यादा डिलेवरी आती हैं उस दिन ज़मीन में प्रसव कराना पड़ता है।
सोनबरसा प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दीवारें तो हैं लेकिन छत नहीं। छत की जगह पन्नी पड़ी हुई है। सोनबरसा प्रखण्ड की आशा माधुरी देवी का कहना है कि बरसात में छत न होने पर पूरा केंद्र नाला बन जाता है। उसी हालत में जैसे तैसे डिलेवरी करवानी पड़ती है।
बथनाहा के स्वास्थ्य प्रबंधक आदित्य कुमार का कहना है कि यहां तो ज़मीन ही नहीं मिल रहा है तो भवन कहां से बनेगा?
सोनबरसा प्रखण्ड के स्वास्थ्य प्रभारी डॉक्टर रामप्रवेश साह का कहना है कि छह बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र था। लेकिन वह जर्जर हालत में था। अब तीस बेड का समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बन रहा है जो बहुत जल्द तैयार हो जायेगा।